हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रसिद्ध धर्मगुरु एवं वक्ता अल्लामा सैयद शहंशाह हुसैन नक़वी ने मशहद मुक़द्दस में पाकिस्तान के क़ायद-ए-मिल्लत जाफ़रिया के कार्यालय का दौरा किया। कार्यालय के प्रमुख एवं क़ायद के प्रतिनिधि मौलाना सैयद अक़ील हैदर ज़ैदी तथा कार्यालय के अन्य सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर मजलिस-ए-निगरानी के सचिव मौलाना सैयद मूसा रज़ा नक़वी भी मौजूद थे। मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की धार्मिक, शैक्षणिक और सामुदायिक स्थिति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में पाकिस्तान में शिया समुदाय के सामने मौजूद समस्याओं और चुनौतियों की समीक्षा की गई। साथ ही मौजूदा परिस्थितियों में समुदाय को पेश आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर विचार किया गया। इस संदर्भ में धार्मिक नेतृत्व, विद्वानों तथा धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के बीच आपसी समन्वय और सामूहिक प्रयासों के महत्व पर भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान पाकिस्तान में धर्मप्रचार की जिम्मेदारियां निभाने वाले विद्वानों और धर्मप्रचारकों को पेश आने वाली कठिनाइयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि धर्मप्रचारक समाज के धार्मिक और वैचारिक मार्गदर्शन में बुनियादी भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनकी समस्याओं के समाधान, आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था और प्रचार संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए गंभीर कदम उठाना जरूरी है।
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय पाकिस्तान के धार्मिक मदरसों में आधुनिक शिक्षा की उपयोगिता और आवश्यकता भी था। इस संबंध में चर्चा हुई कि धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं की जानकारी भी विद्यार्थियों की बौद्धिक और शैक्षणिक क्षमताओं को विकसित करने में सहायक हो सकती है।
मदरसों के विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों से परिचित कराने और उन्हें वर्तमान दौर की शैक्षणिक, वैचारिक तथा सामाजिक चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाने के महत्व पर भी विचार किया गया।

इसी तरह समुदाय को दरपेश विभिन्न समस्याओं के समाधान और जनजागरूकता बढ़ाने में मिम्बर की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर मिम्बर को केवल धार्मिक शिक्षाओं और आदेशों के प्रचार का माध्यम ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार, वैचारिक प्रशिक्षण, एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय एवं सामुदायिक मुद्दों पर लोगों का मार्गदर्शन करने वाला एक प्रभावी मंच भी बताया गया।
बैठक में विभिन्न शैक्षणिक, संगठनात्मक और धार्मिक मामलों पर भी चर्चा हुई। साथ ही आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से इन क्षेत्रों में और अधिक सुधार तथा प्रगति की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
दौरे के अंत में क़ायद-ए-मिल्लत जाफ़रिया पाकिस्तान अल्लामा सैयद साजिद अली नक़वी के नेतृत्व में धार्मिक, शैक्षणिक तथा राष्ट्रीय और सामुदायिक क्षेत्रों में अपने प्रयास और संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।
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